आकर्षण का नियम (Law of Attraction) प्रत्येक मनुष्य के लिए प्रकृति द्वारा दिया हुआ बेशकीमती वरदान है। यदि हम अपने चारों ओर के वातावरण को देखें तो हम महसूस करेंगे कि प्रकृति ने हमारे लिए बहुत से नियम बनाये हुए हैं।

आपने गुरुत्वाकर्षण के नियम (Law of Gravity) के बारे में जरूर सुना और पढ़ा होगा। इस नियम के अनुसार पृथ्वी प्रत्येक चीज को अपनी ओर आकर्षित करती है।

law of attraction hindi
Law of Attraction

कोई भी चीज यदि हम ऊपर से छोड़ें तो धरती उसे आकर्षित कर लेगी और वह वस्तु नीचे गिर जाएगी। यह नियम इतना सटीक है कि इसे यूनिवर्सल लॉ भी कहा जाता है।

इसी प्रकार आकर्षण का नियम (Law of Attraction in Hindi) भी हमें प्रकृति के द्वारा दिया हुआ है। प्रत्येक सफल और असफल व्यक्ति जाने या अनजाने में इस नियम का पालन करता है।

आकर्षण का यह नियम तो गुरुत्वाकर्षण के नियम की तरह सभी के लिए सभी जगह काम करता है।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस नियम को कोई व्यक्ति जानता है या नहीं, वह इसे मानता है या नहीं।

जितने भी सफल व्यक्ति इस दुनिया में हुए हैं, उन सभी ने इस नियम को सही तरीके से अपनाकर ही अपने जीवन में सफलता प्राप्त की है।

यदि आपको जीवन में सफल होना है तो आपको भी इस नियम को जानना चाहिए। दोस्तों, आज मैं आपको आकर्षण का नियम (Law of Attraction Secret) के बारे में बताऊंगा।

आज आप जान सकेंगे कि आकर्षण का नियम क्या है? (Law of Attraction Meaning), आकर्षण का नियम कैसे काम करता है? (How to Law of Attraction Work) और आकर्षण का नियम का प्रयोग कैसे करें? (How to use Law of Attraction)

आकर्षण का नियम क्या है?

What is Law of Attraction

आकर्षण का नियम हमारे विचारों से रिलेटेड है। यह नियम कहता है कि समान चीजें अपने ही समान चीजों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

हमारे विचार भी अपने ही समान विचारों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जब आप कोई विचार सोचते हैं तो आप उसी जैसे अन्य विचारों को भी अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

इस नियम के अनुसार जब आप किसी चीज के बारे में सोचते हैं तो वह चीज और उस प्रकार की अन्य चीजें भी अपनेआप आपके जीवन में आ जाती हैं।

इसको हम इस प्रकार बहुत अच्छी तरह समझ सकते हैं। मान लीजिये कोई व्यक्ति किसी पॉजिटिव विचार के बारे में सोच रहा है तो इसका रिजल्ट यह होगा कि उस पॉजिटिव विचार के साथ ही साथ उस जैसे अन्य पॉजिटिव विचार भी अपने आप उसके माइंड में आ जायेंगे।

इसके विपरीत यदि कोई व्यक्ति किसी नेगेटिव विचार के बारे में सोच रहा है तो इसका रिजल्ट यह होगा कि उस नेगेटिव विचार के साथ ही साथ उस जैसे अन्य नेगेटिव विचार भी अपने आप उसके माइंड में आ जायेंगे।

इस नियम का प्रयोग करके हम अपने जीवन में किसी भी मनपसंद चीज को, चाहें वह बहुत सा पैसा हो, अच्छी हेल्थ हो या अच्छी रिलेशनशिप हो, सभी को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं और एक सफल जीवन जी सकते हैं।

इस लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन के अनुसार जब हम किसी चीज के बारे में फुल फोकस होकर सोचते हैं तो वह चीज हमारे जीवन में आ जाती है।

आकर्षण का नियम कैसे कार्य करता है?

How the Law of Attraction Work

विज्ञान के अनुसार ब्रम्हांड (Universe) में हर चीज ऊर्जा से बनी हुई है। मनुष्य, जानवर, धरती आकाश पृथ्वी व अन्य ग्रह कुछ भी हो सभी ऊर्जा से बने हुए हैं।

ऊर्जा की डेंसिटी हर चीज में अलग अलग होने के कारण हर चीज हमें अलग अलग प्रकार की दिखाई देती है।

वास्तव में यूनिवर्स की सभी चीजें आपस में जुड़ी हुई हैं और वह एक ही ऊर्जा का अलग अलग रूप हैं।

हम भी एक ऊर्जा हैं और जिस चीज को हम पाना चाहते हैं, वह भी ऊर्जा है।

ऊर्जा के अलग अलग रूप (मनुष्य, जानवर, वस्तुएं आदि) की अपनी एक फ्रीक्वेंसी होती है।

साथ ही आपको बता दूँ कि हमारे विचार भी ऊर्जा का ही एक रूप होते हैं। विज्ञान कहता है कि ऊर्जा को न तो मिटाया जा सकता है और न ही इसे उत्पन्न किया जा सकता है।

इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है। (यही ऊर्जा संरक्षण का नियम है।)

विचार ऊर्जा का ही रूप होता है। इस विचार को किसी वस्तु में बदला जा सकता है क्योंकि कोई वस्तु भी ऊर्जा की ही एक रूप होती है। इस प्रकार हम विचार को वस्तु में बदल सकते हैं।

जब हम किसी चीज के बारे विचार करते हैं और उसको पूर्ण आस्था (Full Faith) के साथ सोचते हैं तो उस विचार की फ्रीक्वेंसी यूनिवर्स में चली जाती है।

कुछ समय बाद उस वस्तु के विचार की फ्रेक्वेंसी उस वस्तु को लेकर और उस जैसी फ्रीक्वेंसी की अन्य वस्तुओं को लेकर हमारे जीवन में प्रकट हो जाती है और हम उस वस्तु के मालिक बन जाते हैं।

आज आपको जैसा जीवन मिला है, आज आपके पास जो कुछ भी है, वह आपके द्वारा अतीत में सोचे गए विचारों का ही परिणाम है।

हम फोकस होकर जिस चीज के बारे में सोचते हैं वह हमें मिल जाती है। यदि आप नेगेटिव माइंडसेट के हैं और उन चीजों के बारे में सोचते हैं जिन्हें आप अपने जीवन में नहीं चाहते तो वही नेगेटिव चीजें आपके जीवन में प्रकट हो जाती हैं।

इसके विपरीत यदि आप पॉजिटिव माइंडसेट के हैं और उन चीजों के बारे में सोचते हैं जिन्हें आप अपने जीवन में चाहते तो वही पॉजिटिव चीजें आपके जीवन में प्रकट हो जाती हैं।

क्लियर है कि जैसा हम सोचते हैं वैसा ही हमें मिलता है।  इसे एक उदाहरण द्वारा और समझते हैं-

जिस प्रकार आपका मोबाइल दुनिया के सभी मोबाइल से कनेक्ट है उसी प्रकार इस यूनिवर्स की प्रत्येक चीज की ऊर्जा एक दूसरे से कनेक्ट है।

जब आप किसी अपने व्यक्ति से मोबाइल पर बात करना चाहते हैं तो उसका नंबर मिलाते हैं और जिसका आप नंबर मिलाते हैं उसी से आपकी बात हो जाती है।

उसी प्रकार जिस फ्रीक्वेंसी का विचार आप यूनिवर्स में भेजते हैं उसी फ्रीक्वेंसी की वस्तु आपको मिल जाती है।

सफलता के लिए आकर्षण का नियम का प्रयोग कैसे करें?

How to use Law of Attraction for Success

जैसा कि आपको मैंने बताया कि विचार एक ऊर्जा है और प्रत्येक विचार की अपनी एक फ्रीक्वेंसी होती है।

अब सफल होने के लिए हमें बस इतना करना है कि अपने विचारों की फ्रेक्वेंसी इस प्रकार से सेट करनी है कि वह उस वस्तु की फ्रीक्वेंसी से मैच हो जाये जिसे हम चाहते हैं। बाकि का कार्य यूनिवर्स खुद कर देगा।

आइये अब मैं आपको बताता हूँ कि लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन का यूज़ कैसे करें? और आपको अपने विचारों की फ्रीक्वेंसी को अपनी मनपसंद वस्तु की फ्रीक्वेंसी से कैसे मैच करना है-

1- यह मैं आपको बता चुका हूँ कि पूरा यूनिवर्स और उसके अंदर की सभी चीजें ऊर्जा (Energy) से बनी हुई हैं और प्रत्येक वस्तु व विचार की अपनी एक फ्रीक्वेंसी होती है।

हमें बस अपने विचार की फ्रेक्वेंसी को मनपसंद बस्तु की फ्रीक्वेंसी से मैच करना है। यह वैसे ही होता है जैसे रेडिओ को हम किसी विशेष फ्रेक्वेंसी पर ट्यून करके अपना मनपसंद प्रोग्राम सुनते हैं।

2- सबसे पहले आप जिस चीज को प्राप्त करना चाहते हैं (चाहें वह अच्छी हेल्थ हो या ढेर सारा पैसा हो या किसी से अच्छा रिलेशन हो आदि) उसे पाने की प्रबल इच्छा (Strong Desire) आपके अंदर होनी चाहिए।

इस इच्छा को आप जितना ज्यादा बढ़ाएंगे, यह लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन आपके लिए उतना ही ज्यादा अच्छी तरह काम करेगा।

3- इसके बाद आपको अपनी इच्छा के बारे में यूनिवर्स को बताना होगा। आपको अपनी मनपसंद चीज यूनिवर्स से मांगनी होगी या कहें तो उसे आदेश देना होगा कि वह आपको आपकी मनपसंद चीज लाकर दे।

आपका यह आदेश क्लियर और पॉजिटिव शब्दों का होना चाहिए।

4- आदेश देने के तुरंत बाद आप इसे एक कागज पर लिख लें। आपको प्रेजेंट टेंस (वर्तमान काल) में लिखना चाहिए।

उदाहरण के लिए, “मैं आज बहुत खुश हूँ क्योंकि आज मैंने अपना मनपसंद घर खरीद लिया है।”

इस कागज को ऐसी जगह रख दें जहाँ आप इसे दिन में कई बार देख सकें।

5- इसके बाद आपको खुद को यह यकीन दिलाना होगा कि आपकी मनपसंद चीज आपके पास है। इसके लिए आपको अपने मनपसंद चीज के विचार के साथ अपने विश्वास या आस्था को जोड़ना होगा।

आस्था वह फीलिंग है जिसे आपको अपने मनपसंद चीज के विचार के साथ जोड़ देना होगा जिसकी वजह से आपकी फ्रीक्वेंसी उस वस्तु की फ्रीक्वेंसी से जल्दी से मैच होगी और आदेश का पालन जल्दी से जल्दी होगा।

6- अपना विचार या आदेश यूनिवर्स को देते समय आपमें कैसी फीलिंग्स होती है, यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

आपको खुद को बार बार यह विश्वास दिलाना होगा कि वह चीज आपके पास ही है। और उस चीज के लिए यूनिवर्स को धन्यवाद देते रहना होगा।

आपकी आस्था या फीलिंग जितनी ज्यादा स्ट्रांग होगी उतनी जल्दी यूनिवर्स आपका काम पूरा करेगा।

7- इतना करने के बाद आपका काम समाप्त हो जाता है और यूनिवर्स का काम शुरू हो जाता है।

आपकी आस्था या विश्वास की क्वालिटी के हिसाब से यूनिवर्स उस चीज को आपको देने में समय लेगा और बाद में वह चीज आपको मिल जाएगी।

आकर्षण के नियम का प्रयोग की कुछ जरुरी बातें

Some Important Things about Using the Law of Attraction

1- यह लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन सही से तभी कार्य करता है जब आप अपनी मनपसंद चीज को पाने के लिए एक्शन भी लेते हैं। एक्शन लेने या कार्य करने से आपकी आस्था (विश्वास की सबसे ऊपरी लिमिट) बढ़ती जाती है।

2- यूनिवर्स के लिए समय और दूरी और मांगी गई चीज की मात्रा कोई मायने नहीं रखती। कोई चीज आपको मांगने के बाद कब मिलेगी, कितनी मिलेगी यह आपकी फ्रीक्वेंसी की क्वालिटी (आस्था) पर निर्भर करता है।

3- उतनी बड़ी चीज या उतनी मात्रा में कोई चीज मांगो जितना आप विश्वास कर सको कि आप वह चीज प्राप्त करने लायक हो।

4- यूनिवर्स अच्छी या बुरी चीज में कोई फर्क नहीं कर पाता। उसे तो बस फ्रीक्वेंसी से मतलब है। जैसी फीलिंग की फ्रीक्वेंसी आप भेजोगे वैसी ही चीज आपको मिल जाएगी।

5- आकर्षण का नियम प्रकृति का वरदान तभी है जब आप इसे अच्छे कार्यों के लिए प्रयोग करते हैं। यदि आप इसे गलत कार्यों के लिए नेगेटिव फ्रीक्वेंसी सेट करके आदेश देते हैं तो यह आपके और समाज के लिए अभिशाप भी बन सकता है।

6- यूनिवर्स से जब भी कोई चीज मांगो या आदेश दो तो वह क्लियर और सकारात्मक शब्दों का होना चाहिए क्योंकि यूनिवर्स शब्दों से उत्पन्न होने वाली फीलिंग को पकड़ लेता है और उसी के अनुसार कार्य करता है।

उदाहरण के लिए, यदि A लिखता हैं कि “मैं अमीर बनना चाहता हूँ।” और B लिखता है कि “मैं गरीब नहीं बने रहना चाहता।” वैसे तो दोनों का मतलब अमीर बनना ही है लेकिन यूनिवर्स A का “अमीर” शब्द पकड़ेगा और B का “गरीब” शब्द पकड़ेगा और उनके शब्दों के हिसाब से परिणाम देगा।

7- इस नियम को अपनाते समय आपको यूनिवर्स पर शंका नहीं करनी चाहिए। यदि आपने किसी चीज का आदेश यूनिवर्स को दिया तो आपको यह नहीं सोचना कि यूनिवर्स इसे कैसे पूरा करेगा।

यूनिवर्स अपने काम को कैसे अंजाम देता है, यह उसका काम है। आपका काम तो आदेश देने के बाद पूरे विश्वास के साथ इंतजार करना है।

अब आप लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन का सही से यूज़ कर सकते हैं लेकिन यदि आपको इस नियम के बारे में और अधिक जानना है तो आप यह Law of Attraction Books In Hindi पढ़ सकते हैं-

Law of Attraction Books

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